दक्षिण भारतीय इतिहास…(३)

चौथी शती से आठवीं शती तक भारतीय इतिहास में पल्लवों का महत्वपूर्ण स्थान है ।पल्लव राज्य की काँची नगर का उल्लेख प्रयाग प्रशस्ति में मिलता है। पवनदूत के प्रणेता धोयी ने लिखा है काँची अमरावती के दर्प को चूर करने वाली दक्षिण भारत के नगरों की आभूषण थी ।

पल्लवों के कई अभिलेखों में उन्हें भारद्वाज गोत्र तथा अश्वत्थामा का वंशज बताया गया है।

प्रथम पल्लव वंश का नृपति शिवस्कंदवरमन लगभग (२७५ ई०) को माना जाता है ।वहएक शक्तिशाली महान वैदिक ब्राह्मण धर्म को मानने वाला राजा था ।शिवस्कंदवरमन तथा चौथी शती के राजा विष्णुगोप के बीच शासन करनेवाले राजाओं की जानकारी नहीं मिलती है ।परन्तु लगभग ५७५ ई० में पल्लव राज्य वंश में सिहविष्णु राजा का उल्लेख मिलता है ,वह शक्तिशाली और कलानुरागी राजा था उसके दरबार में संस्कृत के महाकवि भारवि रहते थे ।सिंहविष्णु ने ५७५ई० से ६००ई० तक राज्य किया ।तत्पश्चात उसके पुत्र महेन्द्रवरमन प्रथम पल्लव शासक हुआ ।उसने अपने पिता से प्राप्त राज्य को कूटनीतिक क्षमता और सैन्यशक्ति के बल पर शक्तिशाली साम्राज्य में प्रतिष्ठित किया प्रतापी राजा महेन्द्रवरमन ने अपने शत्रु पुलकेशिन द्वितीय को भी पराजित किया था ।

महेन्द्रवरमन पराक्रमी होने के साथ साथ कला एवं साहित्य का संरक्षक भी था उसने अपनी राजनीतिक और सांस्कृतिक उपलब्धियों के अनुकूल विचित्र चित्र ,महेन्द्र विक्रम ,शत्रु मल्ल आदि अनेक उपाधियाँ धारण की ।

६३० ई० में उसकी मृत्यु उपरान्त उसका पुत्र नरसिहवरमन प्रथम ने पल्लव राज्य का शासन संभाला अपने असाधारण साहस और पराक्रम के कारण वह महामल्ल कहा जाता था ,पुलकेशिन द्वितीय को नरसिंहवरमन ने कई युद्धों में पराजित किया और अन्त में उसकी हत्या भी कर दी ।

वह एक कला प्रेमी सम्राट था जिसने अपने पिता महेन्द्र वर्मन प्रथम द्वारा स्तम्भ निर्माण कला में सिंह शीर्ष का निर्माण करा कर ,पल्लव वास्तु कला शैली में नवीनता प्रदान की और द्रविड़ वास्तु स्तम्भ रचना उसके नाम पर मामल्ल शैली के नाम से जानी जाती है ।

Advertisements

10 thoughts on “दक्षिण भारतीय इतिहास…(३)

  1. आपकी जानकारी हमारी युवा पीढी को.बहुत ज्ञान प्रधान करेगी।आपका बहुत बहुत धन्यवाद।बहुत ही कठिन कार्य सरलता से सम्पंन किया है👌👌👌🙏🌹

    Liked by 1 person

Leave a Reply to Madhusudan Cancel reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s